तिश्नगी

तिश्नगी प्रीत है, रीत है, गीत है
तिश्नगी प्यास है, हार है, जीत है
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Sunday, 20 May 2012

!!! माँ - एक मुक्तक !!!

मुझपे कबसे कुछ रकीबों की नजर है मौला
जानता हूँ मैं, मुझे सबकी ख़बर है मौला ।
हर मुसीबत तो मुझे छूके गुजर जाती है
ये मेरी माँ की दुवाओं का असर है मौला ॥