"जन-गण-मन - गढ़वाली"
नया ज़मना को भारत जै हो,
जै हो पुरर्खों की थाती
पंजाबी तेलुगु तमिल मराठी,
भाषा छिन हमारी
गढ़-कुमाऊं कश्मीर हमारो,
अपणु कन्याकुमारी !
उख फौज्यूं की टुकड़ी,
इख हौरी-पिंगली पुंगड़ी
हम सबूंकी जान बचांदी !
ज्ञान-विज्ञान को भारत जै हो,
जै हो रंग-बिरंगा
जै हो, जै हो, जै हो
जै जै जै जै जै हो !!
जै हिन्द !!
(आशीष नैथानी)
नया ज़मना को भारत जै हो,
जै हो पुरर्खों की थाती
पंजाबी तेलुगु तमिल मराठी,
भाषा छिन हमारी
गढ़-कुमाऊं कश्मीर हमारो,
अपणु कन्याकुमारी !
उख फौज्यूं की टुकड़ी,
इख हौरी-पिंगली पुंगड़ी
हम सबूंकी जान बचांदी !
ज्ञान-विज्ञान को भारत जै हो,
जै हो रंग-बिरंगा
जै हो, जै हो, जै हो
जै जै जै जै जै हो !!
जै हिन्द !!
(आशीष नैथानी)